ऋषिकेश में इस हाल में घूमता मिला भारत का ये सबसे बडा सुपरस्टार, जिसने देखा उसी के उड गए होश…

कुछ दिनों से हिमालय की वादियों में घूम रहे सुपर स्टार रजनीकांत मंगलवार को दोपहर बाद देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंच गए। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से वो आध्यात्मिक यात्रा पर है। इसके बाद रजनीकांत ऋषिकेश स्थित गुरु ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती के आश्रम पहुंचे और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। बता दें कि ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी गुरु थे। रजनीकांत अपने गुरु ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती के आश्रम में योग के साथ ध्यान भी लगाएंगे।


रजनीकांत 1:30 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। वह यहां से ऋषिकेश में अपने आध्यात्मिक गुरु ब्रह्मलीन संत स्वामी दयानंद सरस्वती महाराज के आश्रम पहुंचेंगे। जहां वो अपने गुरु की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। दूनागिरी क्षेत्र में स्थित गुफा में बने एक आश्रम में भी वह जाते रहे हैं।


रजनीकांत कोई भी नया काम करने से पहले देवभूमि अवश्य आते हैं। ऋषिकेश के अलावा कुमाऊं के दूनागिरी क्षेत्र में स्थित गुफा में बने एक आश्रम में भी वह जाते रहे हैं। ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी आध्यात्मिक गुरु थे और दो वर्ष पूर्व स्वामी दयानंद ने शरीर त्यागा था।


ऋषिकेश की शीशमझाड़ी स्थित दयानंद आश्रम के प्रबंधक गुणानंद रयाल ने बताया कि रजनीकांत अभी हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में हैं। इसके बाद उनका दिल्ली जाने का कार्यक्रम है और मंगलवार को वह यहां आश्रम में पहुंचेंगे। सुपरस्टार रजनीकांत रविवार को जम्मू कश्मीर में थे। दक्षिण भारत के प्रसिद्ध हीरो और एक्शन फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत रविवार को जम्मू कश्मीर में थे। बता दें कि शनिवार को वो हिमाचल भी गए थे। उन्होंने बैजनाथ के ऐतिहासिक शिव मंदिर में माथा भी टेका।


यहां रजनीकांत ने जम्मू संभाग के रियासी जिले में स्थित प्रसिद्ध शिवखोड़ी गुफा के दर्शन किया। रविवार शाम करीब पांच बजे रजनीकांत रियासी पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने चार किलोमीटर की लंबी चढ़ाई घोड़े से तय की। रजनीकांत अपने गुरूओं के साथ आएं थे।

उन्होंने कहा कि फिलहाल में आध्यात्मिक यात्रा पर हूं इसलिए राजनीति पर कोई बात नहीं करना चाहूंगा। लेकिन जल्द राजनीति से जुड़े हर सवालों का जवाब दूंगा। उन्होंने कहा कि मैंने भारत के सभी शिव मंदिरों में जाने का निश्चय किया है। जिस कारण मैं लगातर यात्रा पर हूं।

Updated: March 13, 2018 — 10:57 am

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